भक्तों को नया टास्क मिला है. वे अपनी अकल के मुताबिक हिसाब लगा रहे हैं कि शाहरुख के पिता स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल नहीं हुए. इन बुद्धि के विध्यांचलों का तर्क है, “शाहरुख के जन्म के वक्त उनके पिता 30 साल के थे. शाहरुख 1965 में जन्में और “भारत छोड़ो आंदोलन” 1942 में शुरु हुआ. इस हिसाब से शाहरुख के पिता का जन्म 1935 में हुआ होगा और 1942 में वे छह साल के रहे होंगे. तो फिर सिर्फ छह साल की छोटी उम्र में शाहरुख के पिता का स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेना कैसे मुमकिन हो सकता है.”

प्रथमदृष्टया हिसाब ठीक लग रहा है. लेकिन भक्त तो फिर भी भक्त हैं जो सात साल से झूठ के समंदर में आकाशकुसुम ढूंढ रहे हैं. किसी ने पूछ लिया कि आपको कैसे पता चला कि शाहरुख के जन्म के वक्त उनके पिता 30 साल के थे? सवाल आते ही भक्त ने दांत चियार दिया. भक्तों की यही नियति है.

भक्तों का हर दावा तभी तक टिकता है, जब तक कोई ध्यान न दे. लेकिन उससे भी बड़ा सवाल है कि कोई भी व्यक्ति जो आज हिंदुस्तान में रह रहा है, वह गांधी, नेहरू, पटेल, सुभाष या किसी भी स्वतंत्रता सेनानी पर किस मकसद से उठाता होगा? उसका मकसद क्या है? ऐसा करने वाले वही लोग हैं जो सावरकर को गांधी और नेहरू से बड़ा दिखाने की कोशिश करते हैं, लेकिन दांव पाते ही पूरे आंदोलन के बारे में भ्रम फैलाते हैं.

ये उसी कुनबे के लोग हैं जिनका पूरा रिकॉर्ड अंग्रेजों की दलाली का है. ले देकर एक सावरकर ही हैं जो एक बार जेल गए, वह भी माफी मांगकर छूट गए और फिर कभी आंदोलन में शामिल नहीं हुए. दरअसल आधुनिक भारत की सबसे बड़ी घटना है स्वतंत्रता आंदोलन और भारत की आजादी, जिसकी महान विरासत में संघ परिवार की भूमिका शर्मनाक है. वे तटस्थ रहे होते तो इतनी मुसीबत न होती. देश में तमाम लोग तटस्थ थे. समस्या ये आ रही है कि भारत की जनता को मालूम चल गया है कि ये अंग्रेजों के जासूस हैं. अब शर्म से निकलने के लिए वॉट्सएप विषविद्यालय के वैशाखनंदनों को लगाया गया है. वे बेचारे संघ परिवारी क्रांतिकारी कहां से लाएं. इसलिए उनके पास यही काम बचा है कि जितने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, उनके बारे में झूठ फैलाते हैं.

खैर, शाहरुख के पिता के बारे में जो झूठ फैलाया जा रहा है, उसे लेकर आजतक के रिपोर्टर अर्जुन डियोडिया ने फैक्ट चेक किया है. डिटेल में पढ़ सकते हैं. लिंक कमेंट बॉक्स में है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here