S.E.O.

प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन के वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए गुरुवार रात उज्बेकिस्तान के समरकंद पहुंचे हैं. यूक्रेन पर रूस के आक्रमण और ताइवान पर चीन के आक्रामक रुख के मद्देनजर वैश्विक उथल-पुथल के समय यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

इसके साथ ही लद्दाख में हुए भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव के बाद पहली बार किसी बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति आमने-सामने होंगे. नई दिल्ली छोड़ने से पहले एक बयान में प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से कहा गया कि, “एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने, एससीओ के विस्तार और संगठन के भीतर बहुआयामी और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को और गहरा करने के लिए मैं आशान्वित हूं.”

आपको बता दें कि इस सम्मेलन के दौरान सभी की निगाहें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संभावित बैठक पर होंगी, जो शुक्रवार को सम्मेलन कक्ष और नेताओं के लाउंज में होंगे. यह पिछले 2 वर्षों में पहली फिजिकल मीटिंग है.

जून 2020 में चीन के साथ भारत का शुरू हुआ टकराव अब धीरे-धीरे खत्म होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इस बीच प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग टकराव के बाद पहली बार आमने-सामने होंगे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here