स्वास्थ्य सेवा जैसी बुनियादी सुविधा देने के मामले में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों की ये हालत इस तथ्य के बावजूद है कि वहां पीएम मोदी के कथन के मुताबिक डबल इंजन की सरकार है, जो कथित तौर पर ज्यादा तेजी और बेहतर तरीके से काम करती है।

देश में आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के मामले में बीजेपी शासित उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश फिसड्डी साबित हुए हैं। जबकि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने अव्वल रहकर उदाहरण पेश किया है। दरअसल नीति आयोग ने सोमवार को हेल्थ इंडेक्स जारी किया है, जिसमें यूपी, बिहार और एमपी जैसे बीजेपी शासित राज्यों की हालत खराब है। हेल्थ इंडेक्स में उत्तर प्रदेश 19वें तो बिहार 18वें नंबर पर है।

हेल्थ इंडेक्स के मुताबिक स्वास्थ्य सेवा देने के मामले में केरल देश में पहले नंबर और तमिलनाडु दूसरे नंबर पर है। वहीं बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के मामले में छोटे राज्यो में मिजोरम पहले स्थान पर, जबकि त्रिपुरा दूसरे नंबर पर और नागालैंड सबसे नीचले स्थान पर रहा। वहीं, केंद्र शासित प्रदेशों में दादरा नगर हवेली पहले तो चंडीगढ दूसरे नंबर पर आया है। वहीं दिल्ली 5वें नंबर पर है।

नीति आयोग ने हेल्थ इंडेक्स जारी करते हुए इसे तैयार करने की प्रक्रिया भी बताई है। आयोग के मुताबिक इसके लिए चार राउंड का सर्वे किया गया था और उसके हिसाब से स्कोरिंग की गई। इसमें केरल चारों राउंड में टॉप पर रहा। केरल का ओवरऑल स्कोर 82.20 रहा, जबकि दूसरे नंबर पर आए तमिलनाडु का प्वाइंट 72.42 रहा। इस इंडेक्स में सबसे कम स्कोर उत्तर प्रदेश का रहा, जो 30.57 था।

गौरतलब है कि स्वास्थ्य सेवा जैसी बुनियादी सुविधा देने के मामले में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों की ये हालत इस तथ्य के बावजूद है कि वहां पीएम मोदी के कथन के मुताबिक डबल इंजन की सरकार है, जो ज्यादा तेजी और बेहतर तरीके से काम करती है। एक और खास बात ये है कि लोगों को स्वास्थ्य सेवा देने के मामले में इन राज्यों की ये हालत कोरोना महामारी के समय है, जो और ज्यादा चिंता का विषय है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here