भारत की ओर से वैक्सीन मुहैया कराने को लेकर धन्यवाद के तौर पर कनाडा में पीएम मोदी की तस्वीर वाले बिलबोर्ड्स (एक तरह के इलेक्ट्रिक होर्डिंग्स) को हटा दिया गया है।

दरअसल, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के अनुरोध पर भारत द्वारा कोविड वैक्सीन की खुराक मुहैया कराए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने के लिए इंडो-कनाडाई समूह ने ग्रेटर टोरंटो इलाके में नौ बिलबोर्डस् लगाए थे।

इसके लिए इस समूह ने एक एडवरटाइजिंग कंपनी से करार किया था। मगर इस पीएम मोदी की तस्वीर होने की वजह से बिलबोर्ड्स को लेकर कई शिकायतें मिलने के बाद लगाने के एक दिन बाद ही इन्हें हटा दिया गया।

ग्रेटरर टोरंटो में लगे इन बिलबोर्ड्स पर कनाडा को वैक्सीन देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर के साथ लिखा था- कनाडा को कोविड वैक्सीन देने के लिए धन्यवाद भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

इस पर भारत और कनाडा की दोस्ती का जिक्र किया गया था। ये बिलबोर्ड ग्रेटर टोरंटों के इलाके में लगे थे। इंडो-कनाडाई समूह का इन बिलबोर्ड्स को पांच सप्ताह तक लगाए रखने के लिए आउटफ्रंट मीडिया से करार था।

हालांकि, गुरुवार को मोदी को धन्यवाद देने के लिए इस मुहिम को चलाने वाले इंडो-कनाडाई समूह हिन्दू फोरम कनाडा या एचएफसी को आउटफ्रंट मीडिया के एग्जीक्यूटिव ने एक मेल भेजा। जिसमें कहा गया, ‘पीएम मोदी की तस्वीर वाले बिलबोर्ड्स पर आ रहीं शिकायतों की वजह से इसे हटाना पड़ा।’

एचएफसी को सूचित किया गया कि शिकायतें पीएम मोदी की तस्वीर के बारे में हैं और अभियान को रोकने के लिए विज्ञापन कंपनी पर दबाव डाला गया है।

इस कार्रवाई से हैरान एचएफसी सदस्य अपने कानूनी सलाहकारों के साथ आउटफ्रॉन्ट मीडिया के सीईओ माइकेल एर्स्किन के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने की योजना बना रहे हैं और इसमें यह बताया जाएगा कि खुद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी भारत निर्मित कोविशल्ड वैक्सीन मुहैया कराने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया है। तो हमारा मुहिम कैसे गलत है। बता दें कि भारत की ओर से कनाडा को वैक्सीन की 20 लाख डोज दी जा रही हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स को भेजे गए एक बयान में एचएफसी के अध्यक्ष राव येंदामुरी ने कहा कि वे इस बात से काफी निराश हैं कि उनके इस अभियान को रोक दिया गया।

हालांकि, उन्हें अभी भी उम्मीद है कि आउटफ्रंट मीडिया उसी संदेश के साथ इसे फिर से शुरू करेगा। उन्होंने इस अभियान को काफी सकारात्मक बताया है। बता दें कि बीते दिनों भारत से पांच लाख वैक्सीन की खुराकें कनाडा पहुंची थीं।

हिंदुस्तान टाइम्स ने आउटफ्रंट मीडिया के सीईओ और उनके कानूनी मामलों के वाइस प्रेसीडेंट से भी संपर्क किया, मगर उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। माना जा रहा है कि इन बिलबोर्ड्स को हटाने का कारण उनके खिलाफ शुरू किया गया अभियान हो।

इस अभियान में आउटफ्रंट मीडिया का नंबर दिया गया है और कहा गया है, इस नंबर पर कॉल करें और उन्हें एजुकेट करें। इन अभियान में #AskIndiaWhy हैशटैग का इस्तेमाल किया गया है, जो शुरू में नई दिल्ली में लाल किला हिंसा के दौरान शुरू किया गया था और इसके फीचे पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन का हाथ था।

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